क्या होगा अगर सूरज गायब हो जाये | Kya Hoga Agar Suraj Gayab Ho Jaye

क्या होगा अगर सूरज गायब हो जाये | Kya Hoga Agar Suraj Gayab Ho Jaye 

 Kya Hoga Agar Suraj Gayab Ho Jaye - हेले दोस्तों हम सभी जानते है धरती का ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूरज है लकिन अचानक से Suraj Gayab Ho Jaye या फिर क्या हो Agar Suraj Na Hota To Kya Hota ऐसे ही कई सवाल है जिसके जवाब लेकर हम आये है। 
 Kya Hoga Agar Suraj Gayab Ho Jaye
 Kya Hoga Agar Suraj Gayab Ho Jaye 
क्या होगा अगर सूरज अचानक से गायब हो जाये। एक घंटे के लिए, एक दिन के लिए या फिर एक साल तक गायब हो जाये तो क्या होगा। ये काल्पनिक तो जरूर है लेकिन किसी भी तरह ये असल में हुआ तो क्या होगा ? इस अद्भुत घटना को अभी देखने वाले है और चलते है इस अमेजिंग घटना पर जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा

Kya Hoga Agar Suraj Gayab Ho Gaya To

चन्द्रमा के साइज का एक बड़ा स्पेशिप सौरमंडल के अंदर आ चूका है। पृथ्वी के लोग इस बात से बेखबर है। ये स्पेशिप है दूर के तारामंडल में रहने वाले एलियन का जोकि सूरज को लेने आये है उनके पास एडवांस टेक्नोलोजी है जिसकी मदद से एलियंस सूरज को अपने सौरमंडल में ले जा रहे है। 

जैसे ही एलियंस ने सूरज को अपनी जगह से हटाया वैसे ही सौरमंडल के सभी ग्रह जैसे मंगल, बुध, पृथ्वी, ये सब ग्रह अपनी जगह से हिलकर अलग - अलग हो गए है। अब ये ग्रह अंतरिक्ष में दूर, इधर - उधर घूम रहे है। अब आंतरिक्ष में धरती बिना किसी कंट्रोल के अब तैरने लगी है क्युकी अब कोई सूरज नहीं है जो उसे कंट्रोल में रख के सिस्टम में बनाये रखे।

Agar Suraj Na Nikle To Kya Hoga

धरती के एक साइट में दिन का समय चल रहा है। अभी भी सब कुछ नार्मल चल रहा है आसमान में सूरज सही सालामत दिख रहा है। धरती पर किसी को नहीं पता की सौरमंडल की संबसे इम्पोर्टेन्ट एलिमेंट को किसी ने चुरा लिया है ये इसलिए क्युकी सूरज की लाइट को धरती तक पहुंचने में करीब 08 मिनट 20 सेकंड का समय लगता है। उधर एलियंस अंतरिक्ष में सूरज को  चुके है लेकिन पृथ्वी पर इसका प्रभाव करीब 08 मिनट 20 सेकंड बाद होगा। 

08 मिनट 20 सेकंड बीत चुके है धरती पर अचानक से अँधेरा छा गया, अचानक से एक सेकंड में रात।  आसमान के सारे तारे साफ़ साफ दिखने लगे क्युकी सूरज का कोई प्रकाश नहीं बचा था जो तारो को ढक पाय, चाँद और और बाकी के ग्रह भी दिखाई देना बंद हो गए जैसा की आप को पता होगा चाँद का अपना कोई प्रकाश नहीं है। सूरज का प्रकाश जब उस पर पड़ता है तब ही वो हमे दिखाई देता है। अब सूरज गायब हो चूका है इसलिए चाँद भी नहीं दिख रहा है।

Agar Surya Na Ho To Kya Hoga

इस घटना का असर सबसे पहले भयानक तरिके से पेड़ पौधो पर पड़ा है। सूरज की लाइट की मदद से जिन्दा रहते थे एक प्रोशेष चलता है जिसे प्रकाश संश्लेषण कहते है। जैसे ही सुरज गायब हुआ अब लाइट नहीं है इसलिए पेड़ पौधे ऑक्सीजन नहीं बना पा रहे है। 

एक घंटे बाद 
अब एक घंटा बीत चूका है आधी दुनिया को समझ नहीं आ रहा आखिर ये हुआ क्या ? जहा पर रात थी वहा भी खबर पहुंच चुकी है की धरती के दिन वाले साइड में भी रात हो चुकी है। पूरी दुनिया इस घटना से हैरान है। तापमान धरे - धरे गिरने लगा है धरती धीरे धीरे ठंडी होना शुरू हो गई है पर धरती के अंदर का जो क्रोड है उसके चलते धरती कुछ जगह पर अभी भी गर्म बनी हुई है। 

24 घंटे बाद 
अब 24 घंटे बीत चुके है हर कोई सूर्यउदय होने का इन्तजार कर रहा है। सुबह के 10 बज गए है लेकिन अब तक कोई सूरज नहीं निकला। सरकार भी कुछ नहीं कर पा रही क्युकी यह घटना इंसानो के हाथ में नहीं है। अब तापमान 10 डिग्री सेल्शियस तक निचे गिर चूका है। कुछ जानवर कमजोर होना शुरू हो गए है। सारा सिस्टम नस्ट हो चूका है पर समुन्द्र के अंदर के कुछ जीव है उन्हें कुछ बदलाव नहीं दिख रहा है उनके लिए उनकी दुनिया अभी भी वही है।  अभी भी धरती के कुछ जगह पर गर्मी बची हुई है क्युकी वायुमंडल की एक खासियत यह है की वह सूरज से आने वाली गर्मी को  कुछ दिन अपने अंदर संचित कर लेता है जिसके चलते ऐसी नौबत नहीं आये की हर जगह बर्फ ही बर्फ हो जाये लेकिन ये संचित ऊर्जा सूरज के बिना 4 से 5 दिन तक ही रह सकती है। 

07 दिन बाद 
अब 07 दिन बीत चुके है अभी भी अँधेरा छाया हुआ है। तापमान माईनस में चला गया है -20 डिग्री सेल्सियस जिसका डर था वही हुआ। 0 डिग्री सेल्सियस में पानी बर्फ में बदल जाता है। अब पूरी दुनिया का तापमान -20 डिग्री सेल्सियस है इसलिए पानी अब तरल अवस्था में मौजूद नहीं है। टीवी और इंटरनेट अचानक से बंद हो गए है क्युकी सेटेलाइट जिसे जिसे सूरज की रोशनी से पॉवर मिलती थी सौर पेनल के जरिया उनकी पॉवर ऑफ हो चुकी है। किसी भी तरह से 07 दिन तक तो किसी भी तरह से हाई पावर बैटरी की मदद से तो चल गई लेकिन वैज्ञानिको ने कभी ये नहीं सोचा था की सूरज नहीं रहेगा ऐसा भी दिन आएगा इसलिए उन्होंने कोई बेकअप पलान नहीं बनाया था। दुनिया के जितने भी समुंदर हो नदिया है सारी की सारी अब तक जम चुकी है। -20 के तापमान के चलते पूरी दुनिया की बिजली अब चली गई है क्युकी जिस टैम्प की मदद से बिजली बनाई जाती थी वो अब जम चूका है। इसलिए मोबाइल फोन और टॉवर भी ऑफ हो चुके है क्युकी दुनिया को ऑन रखने वाली बिजली अब घुल हो चुकी है। कही जगह पर बिजली बची हुई है जहा पर दूसरे माध्यम से बिजली बनाई जाती है पर धरती का पूरा सिस्टम इधर से उधर होने के कारण वो भी कुछ  दिनों में बंद हो जाएगी। लोग अपने रिलेटिव से फोन पर बात नहीं कर पा रहे इंटरनेट और फोन से जुडी वही दुनिया अब पूरी तरह से डिस्कनेक्टिव हो चुकी है। ज्यादातर पेड़ पौधे अब तक मर चुके है क्युकी बिना सूरज, बिना प्रकाश संश्लेषण के इतने दिनों तक जिन्दा नहीं रह सकते और पेड़ पोधो को खाने वाले जानवर भी अब धीरे धीरे मर रहे है क्युकी पेड़ अपने आप को जिन्दा नहीं रख पा रहे है जिसके कारण पूरी धरती पर इनकी कमी हो गई है। 

जो पैसे वाले लोग है उन लोगो ने अपने लिए इन 07 दिनों में बेसमेंट बनवा लिए है ताकि वो इस कम्कम्पाती ठंड में बच पाए और सुरक्षित जगह पर कम से कम जिन्दा रह सके। सरकार गरीब लोगो के लिए अंडर ग्राउंड बेसमेंट बनवा रही है ताकि वो इसमें जाके रह सके और इस ठंड से बच पाए। सारे लोग एक समूह में जी रहे है हर समय रात ही रात है टाइम अब सेन्स नहीं बचा था कब दिन है और कब रात। पहले दिन और रात हुआ करते था अब सिर्फ रात ही रात है आसमान के तारो का एक अलग ही मैप दिख रहा है क्युकी धरती अकेले अंतरिक्ष में तैरते तैरते कही अनजान जगह पर आ चुकी है 

01 महीने बाद 
एक महीने बाद धरती ठंडी और ठंडी होती जा रही है तापमान करीब -40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चूका है धरती के सारे पेड़ मर चुके है उन पोधो को छोड़कर जो पहले से ही ठंड में रह रहे थे। धरती के ज्यादातर जानवर मर चुके है। समुन्दर के अंदर के जीव की बात करे तो समुंदर के जमने के चलते वो भी अब तक मर चुके है क्युकी सारे पेड़ पौधे मर चुके है इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा हवा में एक  बाद इतनी हो चुकी है की हर एक सांस सिगरेट की धुआ जितनी खतरनाक हो चुकी है। जब पेड़ पौधे जीवित थे तब वे हवा को साफ़ रखते थे पर अब हवा को साफ़ रखने के लिए कोई नहीं रहा।

01 साल बाद 
एक साल बाद पृथ्वी पर जो जीवन बचा हुआ था वो अब तक खत्म हो चूका है। धरती पर ठंड इतनी बढ़ चुकी है की कोई जानवर मौजूद नहीं है। धरती की पूरी सतह पर जो बर्फ की लेयर थी वो हजारो गुना मोटी हो गई है।

1,000 साल बाद 
अब हजार साल बीत चुके है और अभी तक सूरज नहीं निकला। धरती पर ऑक्सीजन अब न के बराबर है।

1,500 साल बाद 
500 साल और बीत चुके है धरती का तापमान -200 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अब धरती अंतरिक्ष में तैरते तैरते एक अनजान जगह पर पहुंच गई है सौरमंडल से बहुत दूर अन्य सभी ग्रह अरबो KM दूर हो गए है एक दूसरे से। 1,500 साल में धरती तैरते - तैरते उस जगह पर पहुंच गई है जहा पर अंतरिक्ष के रेंडम एस्ट्रोइड धरती से टकराना शुरू हो गए और धरती नस्ट हो गई। अब सब कुछ खत्म हो चूका है।

और अधिक सहायता के लिए वीडियो देखे 




दोस्तों आशा करता हु आप को पूरी जानकारी दी गई है इसके अलावा अन्य कोई प्रश्न रह गया है तो आप हमें कमेंट कर बताये हम जल्द ही आप को जवाब देंगे। 

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