ब्लड प्रेशर पूरी जानकारी | Blood Pressure Hindi Mai

ब्लड प्रेशर पूरी जानकारी  | Blood Pressure Hindi Mai

रक्त ( blood)
जब आपका दिल धड़कता है तो यह खून शरीर के चारों ओर पहुंचता है और यह ऑक्सीजन का आदान  प्रदान करता है। जैसे ही खून शरीर के चारों ओर पहुंचता है, यह शरीर की धमनियों पर एक बल लगाता है। यह बल बहुत अधिक  होता है जिससे  हार्ट अटैक भी हो सकता है।

इसलिए, ब्लड (ब्लड प्रेशर) धमनियों की दीवारों पर लागू होने वाले बल का माप होता है

बीमारी से कैसे बचा जाये 

ब्लड प्रेशर को कैसे नियंत्रित करें (how to control blood pressure)

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आजकल बदलती जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या की वजह से हर इंसान पर किसी न किसी तरह का तनाव पाया जाता है और इस तनाव की वजह से धमनियों में बहने वाला खून अधिक या कम बल से बहने लगता है और  Blood Pressure की समस्या का रूप ले लेता है।
 blood pressureर कैसा होना चाहिए (लो, हाई)?
Which blood pressure is normal - आदर्श ब्लड प्रेशर 120/60 यानेरोए में 120 और नीचे में 60 होना चाहिए। युवा वर्ग में अक्सर डायस्टोलिक प्रेशर बढा हुआ पाया जाता है जबकि अधिक उम्र के लोगों में सिस्टोलिक प्रेशर ज्यादा देखने को मिलता है।
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रक्त की समस्या आजकल तेजी से सामने आ रही है। भारत की लगभग 30 प्रतिशत शहरी आबादी इस बीमारी की चपेट में बताई गई है। जबकि 10 से 12 प्रतिशत ग्रामीण इस बीमारी से पीडित हैं। चिकित्सा विज्ञानं में निम्नलिखित  blood pressure की तुलना में उच्च रक्त चाप ज्यादा नुकसानदेह बताया गया है। रक्तचाप की वजह से लकवा, हार्ट अटैक, किडनी के रोग, हृदय संबंधीधी विकार और नाड़ी मंडल की तकलीफे आदि रोग होने लगते है। रक्त चाप के अधिकतम दवाब को सिस्टोलिक Blood Pressure कहते हैं। जबकि कम से कम दाब को डायस्टोलिक प्रेशर कहते हैं
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रक्त के प्रकार (Blood type)


  1. उच्च रक्त 


  •  उच्च रक्त वह अवस्था जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है, जिसके कारण हृदय को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है।
  • इस फैसले को हाइपर कोर्ट भी कहता है।
  • हाइपर ऑपरेशन एक ऐसा है जिसमें धीरे-धीरे आपका हार्ट, किडनी व शरीर के अन्य अंग काम करना बंद कर सकते हैं।

उच्च रक्त के लक्षण 

  • चक्कर आना या जी घबराना
  • उल्टी होना 
  • नेतृत्व समय नज़र के सामने अँधेरा छाना
  • दौरा पड़कर मुंह टेढ़ा हो जाना
  • दिल में दर्द होना
  • सांस लेने में परेशानी आना
  • तेज सिर दर्द

उच्च रक्तचाप के मुख्य कारण (Main causes of high blood pressure)

  • तनाव
  • मधुमेह
  • अधिक नमक का सेवन
  • मोटापा
  • हार्मोन परिवर्तन
  • आनुवांशिक कारण
  • अधिक मिर्च मसाले युक्त भोजन का सेवन
  • मौसम का मोड़ मिराज 
  • शराब के सेवन से

उच्च रक्त से होने वाली समस्याएँ (Problems with high blood)

  • उच्च Blood Pressure की वजह से लकवा या अधरंग की शिकायत हो सकती है।
  • दिल का दौरा पड़ सकता है।
  • रक्त का बहाव अवरुद्ध होने से आँखों के रोग या अंधता रोग भी हो सकता है।
  • रक्त ज्यादा उच्च होने पर दिमाग की नस भी फट सकती है।
  • उच्च रक्नीक होने पर हृदय को जल्दी जल्दी काम करना पड़ता है, जिससे हृदय पर असर होता है।
  • उच्च रक्त अवस्था में कई बार हृदय अच्छे से खून साफ़ नहीं कर पाता है, जिसकी वजह से गुर्दो में बीमार पदार्थ रह जाता है, और गुर्दो के रोग हो जाता है।

इसके अलावा Blood Pressure के कारण आंखों पर भी असर पड़ता है। हाइपर लिंग प्राथमिक उच्च रक्त और द्वितीयक उच्च रक्त के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। 90-95% मामले "प्राथमिक उच्च रक्तचाप" के रूप में वर्गीकृत किए जाते हैं, जिसका अर्थ स्पष्ट अंतर्निहित स्वास्थ्य संबंधी कारण के बिना उच्च स्तर है। अन्य परिस्थितियाँ जोइन, धमनियों, दिल, या अंतःस्रावी प्रणाली को प्रभावित करती हैं, शेष 5-10% मामले (द्वितीयक उच्च रक्त) का कारण होता हैं।
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उच्च रक्त से बचाव के लिए घरेलु उपचार (how to control high blood pressure at home in hindi)

शहद और आंवला 
 बडा रीढ़ आंवले का रस और इतना ही शहद मिला कर सुबह खाली पेट लेने से रक्त की समस्या से काफी हद तक निजात मिलती है।
काली मिर्च
आधा गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच काली मिर्च पाउडर मिलाकर पीने से उठे हुए रक्त कुछ समय में ही सामान्य हो जाता है।
नींबू का रस
ब्लड कंट्रोल करने के लिए थोड़ी थोड़ी देर में निम्बू पानी पीते रहे, आराम मिलेगा।
हरी घास पर चलना 
हर रोज नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट चले। इससे रक्तचाप पर नियंत्रण रहेगा।
एक गिलास ठंडा पानी 
नहाकर प्रतिदिन एक गिलास ठंडा पानी पीने से रक्त चाप सही रहता है।
पालक और गाजर  
पालक और गाजर  का रस बनाकर सुबह खाली पेट लेने से आपको काफी फायदा होगा।

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निम्न रक्त चाप

आज की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में सब व्यस्त हो गया है। हमारी जीवन शैली आधुनिक संसाधनो की बहुत अधिक आदि हो गयी है जिसके फलस्वरूप पैदल चलना, व्यायाम करना सही भोजन करना आदि को भूलकर बस पैसे की होड़ में शामिल हो गया है। जीवन का बस एक ही लक्ष्य रह गया है-पैसा कमाना।

इस उद्देश्य के पीछे मानसिक तनाव बढ़ रहा है जो कि निम्नलिखित रक्तचाप की समस्या को जन्म दिया है। धमनियों में रक्त का कम दबाव से बहना निम्न रक्त चाप कहलाता है।
लक्षण 

  • थकान महसूस होना
  • याददाश्त कमजोर होना
  • किसी भी काम में मन न लगना
  • रोगी की धड़कन की गति कम हो जाती है
  • चक्कर आना
  • चिड़चिड़ापन, घबराहट, आलस आदि होना
  • नाड़ी की गति कम होना
  • कभी कभी बेहोश भी हो सकता है
  • ज्यादा वापस आना
  • भूख न लगना
  • दिल घबराना
  • हाथ पैरो का ठंडा पड़ जाना
  • थोड़ा सा भी काम करने पर दिल का जोरो से धड़कना
कारण 

  • रक्त कम होने का सबसे प्रमुख कारण है-विटामिन बी और सी की कमी होना।
  • बासी और अनुकरणुलित भोजन करने से।
  • गर्भावस्था में खून की कमी होने पर।
  • लम्बे समय तक निराशा का भाव बने रहने पर।
  • अनीमिया, टी बी रोग जिनको होते हैं, उनका रक्त भी निम्न बना रह सकता है।
  • अधिक मासिक स्त्राव के दौरान भी रक्तचाप निम्न हो सकता है।
  • कब्ज की परेशानी भी निम्न रक्तचाप के साथ अन्य बीमारियो को आमंत्रित करती है।
  • लम्बे समय तक बीमार रहने पर भी आई कमजोरी रक्त का कारण बन सकती है।
  • शरीर में नमक और पानी की कमी होने पर भी रक्तचाप निम्न हो सकता है।


निम्न Blood Pressure होने पर प्राथमिक चिकित्सा 
अगर आपको ये महसूस हो कि आपको निम्न रक्तचाप हो गया है तो सबसे पहले आराम से एक स्थान पर बैठ जाइए, अपने हाथो की गठियों को बार बार खोले और बंद करे। थोड़ा थोड़ा पानी पीते हुए। - चीनी, नमक और नींबू का शरबत पियेंड। - तकिये को अपने पैरो के नीचे रखने से आराम से लेट होना।

बचाव

  • अधिक परिश्रम वाला काम न करे।
  • अधिक मात्रा में पानी पिए।
  • अधिक समय तक धूप या गर्मी वाले स्थान पर न रहे।
  • तला हुआ व् मिर्च मसालादार भोजन से परहेज करे।
  • रात के समय चाय या कॉफी का सेवन न करे।
  • एक ही बार में ज्यादा न खाए, अपितु थोड़ा थोड़ा खाना, थोड़े थोड़े अंतराल में खाते रहे।
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